बन्दा होके ना बदियाकमा
बन्दा होके ना बदियाकमा
यूं ही व्यर्थ ना उम्र गर्वा।
खोटे कर्म के पास ना जा…
यूं ही व्यर्थ ना उम्र गवां ॥
ताम सुरीली तेरे कण्ठ में लगाई है,
कोयल-सी आवाज तूने
बेमोल पाई है। हो…
. गन्दे गीत ना बीर कभी गा….
यूं ही व्यर्थ ना उम्र गवां।
हीरा-सा जन्म तुझे
जिसने भी दिया है,
एक भी छदाम नहीं
बदले में लिया है। हो….
कदे उसका भी शुकर मना….
यूं ही व्यर्थ ना उम्र गवां।
धरती पर फूल भी खिलाए
तेरे वास्ते, मधुर मधुर फल लगाए
तेरे वास्ते। हो….
बीरा मुर्गी ना मार-मार खा….
यूं ही व्यर्थ ना उम्र गवों।
नीला-नीला नीर भी बहाया
तेरे वास्ते,
नभ को सितारों से सजाया
तेरे वास्ते।
हो…. गन्दी नालियों में मतना नहा….
यूं ही व्यर्थ ना उम्र गवां।










