आज हम सोये-सोये और तुम

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आज हम सोये-सोये और तुम

आज हम सोये-सोये और तुम,
देश बचाने की बात करते हैं।
जिन्दगी लगा-लगा और हम,
जान देने की बात करते हैं ।।० ।।

हमारे नेता ऐसे हैं कि,
वे कुछ कर नहीं सकते,
बोलते बात बड़ी लेकिन,
काम कुछ कर नहीं सकते ।।
इन दलालों को देश दे के हम,
देश मिटाने की काम करते हैं ।।
आज हम सोये-सोये… ।।१ ।।

दुनिया में भला कैसे,
लोग देशप्रेम करते हैं।
वीरों के नाम की अब तो,
शिकायत लोग करते हैं ।।
देश की ज्योति बुझी और
हम दीप जलाने की बात करते हैं ।।
आज हम सोये-सोये…।।२।।

कभी हम स्वप्न देखे तो,
मिली परछाईयां हमको हमें
आजादी की ख्वाईश थी,
मिली तन्हाईयां हमको हर
तरफ धुआं-धुआं ओर हम
आग लगाने की बात करते हैं ।।
आज हम सोये-साये…।।