किसी दिन देख लेना, तुझको ऐसी नींद आयेगी।
किसी दिन देख लेना,
तुझको ऐसी नींद आयेगी।
तू सोया फिर न जागेगा,
न तुझे दुनिया जगायेगी।।1।।
किसी दिन देख लेना,
तुझको तुझे संसार के खूँटे से,
जिसने बाँध रखा है।
तेरे सोते ही ममता की रस्सी
वो टूट जायेगी।।2।।
किसी दिन देख लेना,
तुझको तेरे घर वाले
जिस सूरत से,
इतना प्यार करते हैं।
यही सूरत उन्हें फिर,
भूत बनके डरायेगी।।3।।
किसी दिन देख लेना………
तेरी हस्ती को जिस खलकत ने,
पस्ती में गिराया है।
वो ही बेकदर दुनिया,
तुझको कंधों पर बिठायेगी।।4।।
किसी दिन देख लेना,
तुझको तू आँखें फेरेगा तो,
दुनिया भी मुँह फेर जायेगी।
जो आँखों पर बिठाती थी,
वो ही आँखें दिखायेगी।।5।।
किसी दिन देख लेना,
तुझको जो कहते थे मरेंगे साथ,
तो थोड़ा कदम चलकर ।
वो मोह की मटकी भी,
तिनके तोड़ते ही टूट जायेगी।।6।।
किसी दिन देख लेना,
तुझको जिन्हें समझा है ‘नत्थासिंह’,
अपने वो तो लौटेंगे।
तेरी नेकी बदी ही,
अन्त तेरे साथ जायेगी।।7।।










