मैं यज्ञ क्यों करूं?
✓ क्योंकि मेरे आर्य महाराजा मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी नित्य यज्ञ करते थे।
✓ क्योंकि यह विज्ञान में सिद्ध हो चुका है कि यज्ञ एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है और यह हानिकारक वायरस व कीटाणुओं का शमन करने में सक्षम है।
✓ क्योंकि ऋषि महर्षि अपने प्रत्येक कार्य से पूर्व यज्ञ करते थे।
✓ क्योंकि वेद आदि ग्रंथों में प्रत्येक मनुष्य को यज्ञ करना अनिवार्य बताया है।
✓ क्योंकि यज्ञ करने से पर्यावरण शुद्ध होता है, जिसको हम लोग प्रतिदिन प्रदूषित करते हैं।
✓ क्योंकि मेरे आर्य महाराजा श्री कृष्ण जी महाराज प्रतिदिन यज्ञ करते थे।

✓ क्योंकि मनुस्मृति, दर्शन शास्त्र, उपनिषद, गीता, रामायण व महाभारत आदि सब प्रमुख ग्रंथों में इसकी महिमा का गुणगान किया गया है।
✓ क्योंकि शास्त्रों में इसको यज्ञो वै श्रेष्ठतमम् कर्म कहा है।
✓ क्योंकि आज विश्व में समस्त मानव जाति किसी-ना-किसी रूप में यज्ञ करती है।
✓ क्योंकि यह वह पूजा है जिसका लाभ संसार में रहने वाले हर प्राणी को मिलता है।










