ओ३म् जपो सब प्राणी मिलकर ओ३म् जपो ।

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ओ३म् जपो सब प्राणी मिलकर ओ३म् जपो ।

ओ३म् जपो सब

ओ३म् जपो सब प्राणी मिलकर ओ३म् जपो ।
सफल बने जिन्दगानी मिलकर ओ३म् जपो ।

ओ३म् नाम है सबसे न्यारा।
सबसे उत्तम सबसे प्यारा।
कोई न जिसका सानी मिलकर ओ३म् जपो…

घट-घट वासी अन्तर्यामी।
सबका मालिक सबका स्वामी।
प्रियतम दिलबर जानी मिलकर ओ३म् जपो ।..

जिसने सारा जगत रचाया।
यह धरती आकाश बनाया।
रचे आग और पानी मिलकर ओ३म् जपो ।..

कष्ट विनाशक और सुखदायक ।
रक्षक पालक परम सहायक ।
धन, बल यश का दानी मिलकर ओ३म् जपो।..

पृथ्वी सूरज चाँद सितारे ।
ऋषि मुनि योगी गुरुजन सारे।
जपते ज्ञानी, ध्यानी मिलकर ओ३म् जपो ।..

न कोई लगता पैसा धेला।
न कोई मुश्किल न ही झमेला।
बड़ी ‘पथिक’ आसानी मिलकर ओ३म् जपो ।