महर्षि दयानन्द सरस्वती जी के 200वीं जयंती के अवसर पर
॥ वैदिक प्रवचन
दिनांक: 5,6,7,8 मार्च 2024
卐 आमन्त्रण 卐
मान्यवर, सदियों से भटकी हुई मानव जाति को जगानेवाले, पराधीनता की जंजीरों में जकड़ी हुई भारत मात्ता को बेड़ियों से छुड़ाने वाले वीर बलिदानियों के प्रेरक, सच्चे देश भक्त, वेदोद्धारक, नारी शिक्षा के प्रवर्तक, अछूतोद्धारक, युगद्रष्टा, योगिराज, राष्ट्र पितामह महर्षि दयानन्द सरस्वती फाल्गुन कृष्णपक्ष दशमी तिथि सन् 1824 को टंकारा में अवतीर्ण हुए। जो मूलशंकर से महर्षि दयानन्द बने। मानव कल्याण के लिए उद्घोषणा की “वेदों की ओर लौटो” उस ऋषिराज के जन्म एवं बोध दिवस पर वैदिक भजन, प्रवचन का आयोजन किया गया है। आप सपरिवार पहुँचकर ऋषि के बताये वेद मार्ग पर चलकर लाभान्वित हों।
आर्यजगत् के आमन्त्रित सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान
वैदिक विद्वान – पं योगेश भारद्वाज (मुजफ्फरनगर)
भजनोपदेशक – भूपेंद्र सिंह आर्य (अजमेर)
यज्ञ – पं. शिवकुमार जी आर्य (नागपुर)कार्यक्रम
कार्यक्रम
यज्ञ भजन प्रवचन
दिनांक : 5,6,7 मार्च 2024 सायं 5 बजे से 8 बजे तक दिनांक : 8 मार्च शुक्रवार को सुबह 9.00 से 1.00 तक कार्यक्रम के पश्चात् भोजन की व्यवस्था की गई है।
स्थान : आर्यसमाज दयानन्द भवन, मंगलवारी बाजार, सदर, नागपुर
टीप : यजमान बनकर यज्ञ में भाग लेने के लिए आर्य समाज दयानन्द भवन, सदर, नागपुर के पदाधिकारियों से उनके मोबाईल फोन पर संपर्क करें।
प्रतिदिन प्रात: 8 से 10 बजे तक आर्यसमाज, जरीपटका में यज्ञ, भजन एवं प्रवचन कार्यक्रम होगा।
श्री प्रभात नायक, प्रधान – 9503542329
श्रीमती आशा खण्डेलवाल, प्रधाना – 9860820446
डॉ. घनलाल शेन्दरे, मंत्री – 9373215728
श्री रितेश सोनी, कोषाध्यक्ष – 9422113088
श्रीमती हेमांगी ठकवानी, मंत्राणी – 9764647963
श्रीमती सुनीता नायक, कोषाग्यक्षा – 975808799










