प्रभु के बराबर सहारा नहीं है।

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प्रभु का सहारा

(तर्ज – दयानन्द के वीर सैनिक बनेंगे)

प्रभु के बराबर सहारा नहीं है।
हितु और कोई हमारा नहीं है।
प्रभु के बराबर सहारा नहीं है..

१. हैं तब तक घिरीं ये ग़मों की घटाएँ
हुआ उसका जब तक इशारा नहीं है।
प्रभु के बराबर सहारा नहीं है..

२. उसे भूल जाएँ तो हम भूल जाएँ
कभी उसने हम को बिसारा नहीं है।
प्रभु के बराबर सहारा नहीं है…………

३. चलो प्रेम से उसकी गोदी में बैठो
वह सब का पिता क्या तुम्हारा नहीं है।
प्रभु के बराबर सहारा नहीं है…………

४. भला हो बुरा हो मगर कौन है जो
पिता के लिए पुत्र प्यारा नहीं है।
प्रभु के बराबर सहारा नहीं है………..

५. भले ही यह माने कोई या न माने
बिना उसके जग में गुज़ारा नहीं है।
प्रभु के बराबर सहारा नहीं है…..

६. समय है तू आजा प्रभु की शरण में
‘पथिक’ और कोई भी चारा नहीं है।
प्रभु के बराबर सहारा नहीं है…..