स्मरण करूँ मैं निशिदिन मन में

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स्मरण करूँ मैं निशिदिन मन में

स्मरण करूँ मैं
निशिदिन मन में
ओ३म् का नाम
ओ३म् का नाम

ओम्-कार प्रभु का
कृपा जो आए
सत्य का दर्शन पाऊँ
स्मरण करूँ मैं
निशिदिन मन में
ओ३म् का नाम
ओ३म् का नाम

जीवन के इस धूप-छाँव में
लोभ-मोह के अंधकार में
एक ही तेरा राह दिखाये
सत्य प्रकाश धरे
स्मरण करूँ मैं
निशिदिन मन में
ओ३म् का नाम
ओ३म् का नाम

ओम्-कार ओम्-कार
ओ३म् परमात्मा
कारण सबका
विश्व विधाता
नाम जपूँ मैं
निशदिन, सुबह शाम
प्रभु का दर्शन पाऊँ
स्मरण करूँ मैं
निशिदिन मन में
ओ३म् का नाम
ओ३म् का नाम

रचनाकार :- श्री तुषार जी