खून व पानी साथ नहीं बह सकते हैं

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खून व पानी साथ नहीं बह सकते हैं

खून व पानी साथ, नहीं बह सकते हैं,
पीठ में घोंपे छुरा, नहीं सह सकते हैं;
कान खोल के सुनले पापी पाकिस्तान;
बदला लिये बिन हम नहीं रह सकते हैं..

नापाक हरकतें तेरी, खूब ही समझाया,
लेकिन नीच बड़ा तू समझ नहीं पाया;
मौका मिलते ही आतंक को फैलाया,
मानवता का शत्रु तभी तो कहलाया;
मनमानी अब तेरी नहीं सह सकते हैं,
बदला लिये बिन हम नहीं रह सकते हैं..

रद्द है सिंधु संधि, एक निशानी है,
जैसे को तैसे वाली भाषा सिखानी;
रिश्ते खत्म अब जंग की शुरू कहानी है,
हमको को बस तेरी कब्र बनानी है,
बार बार हम विनम्र नहीं रह सकते हैं..
बदला लिये बिन हम नहीं रह सकते हैं..

तेरी बर्बादी का जनाजा सजायेगें,
प्यार कर लिया बहुत अब तुझे रुलायेगें;
भरी है जितनी सारी अकड़ निकालेंगे,
पागल हो जाए कुत्ता तो गोली मारेंगे,
आतंकी को मित्र नहीं कह सकते है..
बदला लिये बिन हम नहीं रह सकते हैं..

तर्ज़: दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है