अजी एजी बाग में पक रहे आम अनार।

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अजी एजी बाग में पक रहे आम अनार।

अजी एजी बाग में पक रहे आम अनार।
आडू सेब अखरोट नारियल केला देत बहार।।
किशमिश मुनक्का पिस्ते दाखवों के पेड़ खड़े।
कागजी बादाम निम्बू छुआरों के पेड़ बड़े ।।
दे रही सुगन्ध लौंग टहनिहयों में गुच्छे जड़े।
मीठे थे अमरूद और रसभरी नाशपाती ।।
अंगूरों को देखकर तबियत लुभाई जाती।
छोटी बड़ी इलायची की शोभा प्यारी मन को भाती।
गल-गल जायकेदार ।।1।।

छोटी बड़ी हैड़ जहां कन्दूरी की बेल जारी।
जामन जमोये खिरनी गूंदनी के पेड़ छोटे ।।
डाडवी सराल गूलर आंवले के पेड़ मोटे।
चल रही पवन लगी सब फलों को देने झोटे ।।
लीची के पेड़ हजार।।2।।

लडवा बुखारे और छोटे-छोटे लौकाट।
बबूगोसा चीकू पपीता, फूलम एक से एक छांट।।
शर्बत शहतूत जिसे देखते ही लगे चाट।
चिरौंजी चिलगोले बहुत बेल कैंत बड़े-बड़े ।।
बोझ में नारंगी पेड़ पृथ्वी पर झुके खड़े।
इमली कटारे एक तरफ ही से टूट पड़े।।
महुवे बेशुमार ।।3।।

पानों ही की बेल छूटी सुपारियों के लगे ढेर।
ताल में कसेरू और बेरियों पै लगे बेर।
पहरेदार घूम रहे हाथ लिए शमशेर ।।
चम्पा चमेली गैंदा केतकी गुलाब लख।
बहुत से परिन्दे फल मीठे-मीठे रहे चख ।।
कह ‘शोभाराम’ प्रभु कवियों में लाज रख।
में तुमरे आधार ।।4।।