हम आर्य जाति की कन्या हैं
हम आर्य जाति की कन्या हैं,
गौरव को सदा बढ़ायेंगी
जो जो कुरीतियां हममें हैं,
हम सबको दूर भगायेंगी।।
समझो न हमें कन्यायें हैं,
हम दुःख नाशिनी दुर्गा हैं।
दिखला कर वीरता अपनी को,
दिल दुश्मन का दहलायेंगी।।
समझो न हमें अनाड़ी हैं,
और गुड़िया खेलन हारी हैं।
बचपन से ही जो करना है,
वह करके ही दिखलायेंगीः।।
हिन्दू समाज दुर्दशा तेरी,
ना देखी जाती आंखों से।
हो रहा तुम्हारा घोर पतन,
हम सबको आर्य बनायेंगी।।
हैं पड़ी अविद्या में अब तक,
इस देश की लाखों ललनायें।
बिन त्याग तपस्या के “प्रकाश”,
सद् मार्ग पर न आयेंगी ।।










