यही है शुभकामना प्यारी
यही है शुभकामना प्यारी,
सुहागन हो, सुहागन हो।
जिये सौ वर्ष तक जोड़ी,
सुहागन हो, सुहागन हो।
तू सदा सुख पाय,
जगत में धर्म फैलाय।
तेरा यश हो अतिभारी,
सुहागन हो.. ।।
कभी आधीन न होवे,
न कुल की लाज को खोवे।
तेरा जीवन हो सुखकारी,
सुहागन हो.. ।।
ससुर और सास की सेवा,
यह सच्चे देवी और देवा।
इसी में पुण्य है भारी,
सुहागन हो…।।
दुःखी और दीन की रक्षा,
दया उन पर सदा रखना।
रहे न जगत में दुःखियारी,
सुहागन हो…।
सदाचारी रत्न पैदा करो,
भारत में फिर प्यारी।
बने जो देश हितकारी,
सुहागन हो…।।
हवन संध्या को नित करना,
सदा ही धर्म पर चलना।
धर्म वैदिक करो जारी,
सुहागन हो…।।










