राहें हैं बहुत मुश्किल,जरा सोच समझ के चलना रे

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राहें हैं बहुत मुश्किल,जरा सोच समझ के चलना रे

तर्ज – कहीं दीप जले कहीं दिल……

राहें हैं बहुत मुश्किल,
जरा सोच समझ के चलना रे
मिल जायेगी मंज़िल ॥
राहे……….

बनकर के पथिक
ये ध्यान कर पग धरना
‘सचिन’ पहचान कर होगा रे
मकां जरा सोच समझ…….. हासिल

तेरे सामने सुहाना
संसार है तेरा इसी में
छुपा आधार है मिल जायेगा
साहिल जरा सोच समझ……..

कर नेक नज़र स्वाभिमान से
पथ मांग मिलेगा भगवान से
कर साफ तू अपना दिल जरा
सोच समझ………