देखी अजब निराली महिमा सत्संग की
देखी अजब निराली,
महिमा सत्संग की ।। टेक ।।
देखी….
सत्संग अन्दर मोती, हीरे,
मिलते लेकिन धीरे-धीरे।
जिसने खोज निकाली,
महिमा सत्संग की ।।१।। देखी….
सत्संग सच्चा तीर्थ है भाई,
करते हैं जो नेक कमाई।
धर्महीन रहेंगे खाली,
महिमा सत्संग की ।।२।। देखी….
सत्संग अन्दर प्रेम बढ़ाओ,
समय न अपना व्यर्थ गवाओ।
देखो पिट जाए ना ताली,
महिमा सत्संग की ।।३।। देखी…
सत्संग में तुम जाना सीखो,
सबसे प्रेम बढ़ाना सीखो।
सत्संग बिन सब खाली,
महिमा सत्संग की ।।४।। देखी…….










