यह भावना बना ले
यह भावना बना ले,
मत कर बुरा किसी का।
उपवन वे जगमगा ले,
करके भला सभी का ।। टेक ।। यह……
परहित के हेतु जिसने,
जीवन किया समर्पित,
तन मन धन सब लुटाया,
अपने स्वदेश के हित ।
जो आया काम जग के,
जीवन सफल उसी का ।।१।। यह…
कर्तव्य शीलता के,
हृदय में भाव भरले,
कल को टालना जो कुछ,
करना है आज कर ले।
बज जाये कब नगाड़ा,
तेरे चला चली का।।२।। यह…..
डरकर किसी के डर से,
किंचित् न डगमगाना,
निश्चित डगर पे अपने,
मंजिल तक चलते जाना।
मन में कभी न लाना,
एहसास बेबसी का ।।३।। यह……
दुर्देव दुर्दिनों का,
हुआ दौर दूर तेरा,
तेरे सुखों का सूरज,
चमका हुआ अब सवेरा ।
मन हर समय में लाना,
तुझको हंसी खुशी का ।।४।। यह……










