ईश्वर से संग जोड़ मानव-ईश्वर से संग जोड़।
ईश्वर से संग जोड़ मानव-
ईश्वर से संग जोड़।
विषयों से मुख मोड़ मानव-
विषयों से मुख मोड़ ॥
अब भी जो तू चेत न पाया,
तो फिर तुझको यह जग माया।
देगी तोड़ मरोड़ मानव-
ईश्वर से संग जोड़….।
प्रातः सायं सन्ध्या कर ले,
वेदज्ञान जीवन में भर ले।
शुभ कर्मों को न छोड़
मानव ईश्वर से संग जोड़……..।
जिससे मानव पाप कमाता,
जन्म-मरण बन्धन में आता।
उस बाधक को तोड़ मानव-
ईश्वर से संग जोड़…….।
केवल धन संचय में रहना,
विषय भोग संसार में बहना।
यह अन्धों की दौड़ मानव-
ईश्वर से संग जोड़……….।
बिन ईश्वर के जाने माने,
दूध और पानी के न छाने।
वृथा यत्न करोड़ मानव-
ईश्वर से संग जोड़……….।
अविद्या का नाश किया कर,
सदा ईश संग वास किया कर।
छोड़ जगत् की होड़ मानव-
ईश्वर से संग जोड़………
उद्यम करले छोड़ उदासी,
जन्म-जन्म की पाप की राशि।
पाप कलश को फोड़ मानव-
ईश्वर से संग जोड़……….।
क्यों फिरता है मारा-मारा,
ईश्वर का ले पकड़ सहारा।
यह है एक निचोड़ मानव-
ईश्वर से संग जोड़……….।










