प्रातः उठ के तू प्रभु गुण गा
प्रातः उठ के तू प्रभु गुण गा,
नाम विच चोला रंग ले।
यह जीवन सफल बना
नाम विच चोला रंग ले।।
मन रूपी शीशे विच
दाग न लगावी तू…..
गीत प्रभु भक्ति दे
श्रद्धा से गावी तू…..
मन संध्या ते हवन चला
नाम विच
मन तेरा कौए वांगू
गंदगी फरोलदा
हंस वाँगू बनके ते मोती
क्यों नहीं टोलदा
सत्संग नाल प्यार वधा। नाम विच……
वेद अनुसार अपना
जीवन बनाले तू ज्ञान
रूपी गंग विच डूबकी
लगाले तू तू जीवन
न व्यर्थ गंवा।
नाम विच……..
जो सीखो किसी से सिखाते चलो।
दीये से दीये को जलाते चलो ।।










