वे वे बोल्या जा तो बोलिये।

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वे वे बोल्या जा तो बोलिये।

वे वे बोल्या जा तो बोलिये।
जग मैं बोल बड़ा है
अनमोल वचन मीठे बोलिए।

वे बे अनरस धनरस प्रेमरस।
ये तो सब रस राखै हैं
तोल वचन मीठे बोलिये..

  1. एक जीभ बराबर रस नहीं।
    जै कोई जानै बोल वचन मीठे बोलिये…….
  2. इस वाणी से पलंग तकिये मिलें।
    यही पल में करादे बिस्तर गोल
    वचन मीठे बोलिये..

इस वाणी से सीता ने दुःख सहे।
बोले लक्ष्मण को कड़वे
बोल वचन मीठे बोलिये.

५. इस वाणी से पाण्डु बण-बण फिरे।
एक दिन भीम ने किया था
मखौल वचन मीठे बोलिये..

६. बहना साल भाल का भर है।
बोली वाणी कलेजा छोल
वचन मीठे बोलिये…….

७. इस वाणी का घाव भरता नहीं।
ये है सत्पुरुषों का कोल
वचन मीठे बोलिये…..

८. यही वाणी सभा को जीत ले।
यही करवादे ठठोल वचन
मीठे बोलिये……

६. बहना कागा कोयल में
फर्क क्या।
मचा वाणी का दुनियाँ में
रोल वचन मीठे बोलिये…

१०. यही घोड़ा चढ़ावे यही गधे चढ़ा।
इसी वाणी में बैठे हृदय
होल वचन मीठे बोलिये..

११. कहे नित्यानन्द गुरु
ईश्वर सिंह की।
मीठी वाणी का पिट रहा
ढोल वचन मीठे बोलिये……

नारी धर्म

भारतीय संस्कृति में स्त्री का सबसे बड़ा धर्म पति-भक्ति है। उसके लिए पति के सिवाय अन्य किसी देवी-देवता की पूजा का विधान नहीं है। पति ही गुरु और देवता है। (रामायण)
।। मनुर्भव ।।