तुम करो प्रभु से प्यार,अमृत बरसेगा ।
तुम करो प्रभु से प्यार,
अमृत बरसेगा ।
बरसेगा नित बरसेगा-२
बार तुम करो प्रभु से प्यार,
अमृत बरसेगा ।। टेक ।।
अमृत……
दया धर्म की प्रीत कर लो,
भव सागर से पार उतर लो ।
तेरा हो जाये बेड़ा पार ।।१।।
अमृत…….
सत्य ज्ञान का पहनों गहना,
कड़वा बोल कभी ना कहना ।
तुम करो आत्म उद्धार ।।२।।
अमृत…….
ओम् नाम का अमृत प्याला,
पीले बनकर किस्मत वाला ।
यह मिले न बारम्बार ।।३।।
अमृत….
प्रेम प्रभु से जो नहीं करते,
पड़े नरक में वो है सड़ते ।
उसे लानत दे संसार ।।४।।
अमृत……..
नहीं किसी के चाचा ताऊ,
नहीं किसी के मित्र और साहू ।
यह मतलब का संसार ।।५।।
अमृत……










