तू व्यापक डाली-डाली है
तू व्यापक डाली-डाली है,
कोई जगह न तुझसे खाली है।
तेरी ही अद्भुत माया है,
तूने ही जगत बनाया है।
सब पर ही तेरा साया है,
जग बाग तेरा तू माली है।
तू…. सब वृक्ष और बेलें
झूम रहीं, तेरे चरणों को है
चूम रहीं। तेरी प्रेम की
वायु से झूम रही, तेरी
महिमा अजब निराली है।
तू…. सब पक्षी तुझे
ही ध्याय रहें, तेरे ही सब
गुण गाय रहे। तेरे ध्यान
में मन लगाय रहे, तू ही
प्रभु सबका वाली है।
तू…. तू सब जग का
दुःख हरता है, और सबका
पालन करता है।
क्या राजा है क्या प्रजा है,
तेरे दर पर सभी सवाली है।
तू…. सब मिलकर तेरे
गुण गाते हैं, चरणों में
शीश झुकाते हैं।
दो भक्ति दान यह चाहते हैं,
तेरे दर पर अलख जगाली है।। तू….










