Arya Samaj bhajan

कुछ काम कर के जाना

कुछ काम कर के जाना कुछ काम कर के जानादुनिया से जाने वालेजाते हैं रोज लाखोंबेकार खाने वाले चौरासी लाखा खोयेहर जन्म-मरण...
किस ढङ्ग से सुनाऊँ किस ढङ्ग से सुनाऊँकिस रङ्ग में सुनाऊँसत्संग में सुनाऊँ सबकोमहिमा ओ३म् नाम की कुछ ध्यान लगा लेथोड़ा ज्ञान...
सारी सृष्टि दुल्हन सी सजी है सारी सृष्टि दुल्हन सी सजी हैक्या अनोखी ये कारीगरी हैआग सूरज में जो जल रही...
छोड़ इस दुनिया को बन्दे इक दिन जाना है छोड़ इस दुनिया कोबन्दे इक दिन जाना हैतेरी-मेरी मेरी-तेरी काये सिर्फ बहाना...
किसने दीप जलाया किसने दीप जलायादीप जला कर किया उजालाअपना आप छिपायाकिसने दीप जलाया लहर रहा आँखों के आगेसागर ये उष्मा काकिसने...
मन का दीपक बार रे मनवा ! मन का दीपक बाररे मनवा !मन का दीपक बार ज्योति अन्तर मन की जागेमिटे जगत्...
अतीत से नव-स्फूर्ति लेकर अतीत से नव-स्फूर्ति लेकरवर्तमान में दृढ़ उद्यम करभविष्य में दृढ़ निष्ठा रखकर कर्मशीलहम रहे निरन्तर ॥१॥ बलिदानों की...
इससे अच्छा और जहां कहां खोजने जाऊं मैं। इससे अच्छा और जहांकहां खोजने जाऊं मैं।गली-गली डगर डगरपर साथ तेरा पाऊं मैं।अंसुवन...
सुध बिसर गई आज,तेरे मिलन की ओ३म् मा नो॑ अग्ने स॒ख्या पित्र्या॑णि॒ प्र म॑र्षिष्ठा अ॒भि वि॒दुष्क॒विः सन् ।नभो॒ न रू॒पं ज॑रि॒मा...
जन्म दिया और काया बदली जन्म दिया और काया बदलीसुख की प्रभु ने छाया कर दी … जिसे बनाया सुख का साथीदुःख...
बोल वाणी मधुमती या ते॑ जि॒ह्वा मधु॑मती सुमे॒धाअग्ने॑ दे॒वेषू॒च्यत॑ उरू॒ची ।तये॒ह विश्वाँ॒ अव॑से॒ यज॑त्रा॒ना सा॑दयपा॒यया॑ चा॒ मधू॑नि ॥ ऋग्वेद 3/57/5 बोल वाणी मधुमती,सत्यरूप...
ओ३म् ब्रह्मानन्द प्यारा, ओ३म् प्यारा रे ओ३म् किम॒ङ्ग त्वा॒ ब्रह्म॑णः सोमगो॒पां किम॒ङ्ग त्वा॑हुरभिशस्ति॒पां न॑: ।किम॒ङ्ग न॑: पश्यसि नि॒द्यमा॑नान्ब्रह्म॒द्विषे॒तपु॑षिं हे॒तिम॑स्य ॥ ऋग्वेद 6/52/3 ओ३म्...