Arya Samaj bhajan
माँगो क्या प्रभु प्यारे, दे दे जो देना चाहे
माँगो क्या प्रभु प्यारे !!!दे दे जो देना चाहेमुझसे तू पूछे काहेदाता...
शान्ति कीजिये प्रभु त्रिभुवन में
शान्ति कीजिये प्रभु त्रिभुवन मेंशान्ति कीजिये प्रभु त्रिभुवन मेंजल में, थल में और गगन मेंअन्तरिक्ष में,...
बात-बात पर क्रोध करे
बात-बात पर क्रोध करे,नित कड़वे वचन सुनता है।दरिद्रता का स्वामी है,निज घर में बैर बढ़ता है।नीचों का...
कमाई तेरी ले गए, लोभ के चोर
कमाई तेरी ले गए, लोभ के चोरएक तरफ था यज्ञ-सलोनालोभ था दूजी ओरकमाई तेरी...
प्रथम सुख "धर्मी" वह होता, तन में ना बीमारी हो।
प्रथम सुख"धर्मी"वह होता,तन में ना बीमारी हो।दूजा सुख उसको कहते हैं,घर...
हे सोम ! प्रेम सुमन ! द्वेष-रहित करो मन
हे सोम ! प्रेम सुमन !द्वेष-रहित करो मनहै सहस्थान तेरामेरे हृदय मन...
तू कर प्रभु से प्रीत, यूँ ही दिन बीतते जाते हैं
तू कर प्रभु से प्रीतयूँ ही दिन बीतते जाते हैंतू...
सोने में हो कुंभकरण सा, भोजन अधिक पचाता है।
सोने में हो कुंभकरण सा,भोजन अधिक पचाता है।सुनने में हो बहरा जैसा,सिंह...
मिले मन मन्दिर में भगवान्, मिटा ले मैल अरे नादान !!
मिले मन मन्दिर में भगवान्मिटा ले मैल अरे नादान !!
गङ्गा...
घर वालों से मिलकर रहता, सज्जन का सम्मान करे।
घर वालों से मिलकर रहता,सज्जन का सम्मान करे।पर स्त्री माता सम समझे,ईश्वर...
भरा प्रेम से प्रभु का मन खिला सृष्टि रूप सुमन
भरा प्रेम से प्रभु का मनखिला सृष्टि रूप सुमनना हुआ प्रभु...
काबू में अपना मन न हो, तो ध्यान क्या करे?
काबू में अपना मन न हो,तो ध्यान क्या करे ?होश हवाश...











