Arya Samaj bhajan

सन्ध्या-वन्दन में मुझे रस हे पिता ! आता रहे

सन्ध्या-वन्दन में मुझे रस हे पिता ! आता रहे सन्ध्या-वन्दन में मुझे रसहे पिता ! आता रहेईश मेरा मन तुम्हारेगीत-गुण गाता...
सकल ब्रह्माण्ड के रक्षक स्वामी हो सकल ब्रह्माण्ड के रक्षक स्वामीहोऽऽऽरक्षा करतेजो मन में समायावो कौन है?प्रभु तू ही अग्निदेव ! हुए...
तेरे करम से बेनियाज़, कौन सी शय मिली नहीं तेरे करम से बेनियाज़कौन सी शय मिली नहींतेरी दया से हे प्रभुकौन...
परब्रह्म ही है मूलरूप कारण ब्रह्माण्ड का परब्रह्म ही है मूलरूपकारण ब्रह्माण्ड काब्रह्माण्ड पूर्ण अन्शरूपहै बलद बलवान् का कारण ब्रह्माण्ड काबलद बलवान्...
मनीषा मनीषा बढ़ती जा, निज प्यारे प्रभु को वरती जा मनीषा मनीषा बढ़ती जानिज प्यारे प्रभु को वरती जागाती जा प्रभु...
हे अग्ने !! तेजोमय विश्वपति, हम हैं मूढ़ तुम महाज्ञानी सुधी हे अग्ने !! तेजोमय विश्वपति !!हम हैं मूढ़ तुम महाज्ञानी...
रस से आर्द्र करने वाले सोम प्रभु हे मेरे चाँद रस से आर्द्र करने वालेसोम प्रभु हे मेरे चाँदभक्ति रस का...
हम प्रातः काल में हे दाता ! हम प्रातः काल में हे दाता !तेरा ही ध्यान लगाते हैं मध्य काल में भी...
ब्रह्माण्ड की, जब थी ना सत्ता ब्रह्माण्ड की, जब थी ना सत्ताएक रस में थी, तेरी ही महत्ताबिन बाधित रहेगी सत्ताचलती...
जो नष्ट धर्म को करता है जो नष्ट धर्म को करता है,उसे नष्ट धर्म भी करता है। जो धर्म की रक्षा करता...
सबको मीठे वचन सुना कर मन में हर्षित होना सबको मीठे वचन सुना करमन में हर्षित होनाबोल के कड़वे शब्दकिसी का...
विद्वानों का मान नहीं, और मूर्ख का सत्कार जहां। विद्वानों का मान नहीं,और मूर्ख का सत्कार जहां।दुख ही दुख नित बढ़ते...