वैदिक भजन
ईश प्रार्थना
दयाकर भक्तिविज्ञानं पितः परमात्मनं देयम्।दया देया दयालुरसि चितौ संशोधनं धेयम्।। टेक।।
प्रभो आगच्छ ध्याने मे वश शीघ्रं च नेत्रे मे।तमश्छन्ने...
पितः पातु
पितः पातु विमलां तां आर्षलताम्१.पाणिनी मुनिना व्याकृतिखनिनाअतिमतिधनिना हि पतञ्जलिनामेधयाऽमलया विहितातिसेवाम्
२.व्याकरणारुणैर्भूतपोहरणैःविरजानन्दचरणैरार्षत्वभरणैःभुवि भूयो भूषितां सुहितां नितराम्
३.देवदयानन्दैरानन्दकन्दैःवेदविद्यावन्द्यैस्तद्रसस्यन्दैःलालितां पालितां तामतिसुफलाम्
नारी जो बने, सुत ऐसे जने।
नारी जो बने, सुत ऐसे जने।पितरों की आज्ञा मान रे ऽधर्म निभाने वाले हों।कोई राम...
हे विभो आनन्द सिन्धोमे च मेधा दीयताम्।
हे विभो आनन्दसिन्धोमे च मेधा दीयताम्।यच्च दुरितं दीनबन्धोतच्च दूरं नीयताम्।। टेक।।
चंचलानि चेन्द्रियाणिमानसं मे पूयताम्।शरणं...
“खुद का अव्यक्त”
व्यक्त की आभा इतनी सुन्दर।अव्यक्त तो होगा ही सुन्दरतम।।अपने आप के अव्यक्त को समझ ले।विभूतिमय है वो है...
“आह्वान-पुकार-स्वीकार”
ब्रह्म आह्वान से चतुः आधान।अन्न बल वेग व विज्ञान।। टेक।।
उच्च निम्न मध्यमपुकारते हैं ब्रह्म।। 1।।
यात्री व मंझिल करमपुकारते हैं ब्रह्म।।...
“ब्रह्म निकटतम”
पर उपकार धर्म शृंगार,जीवन का आधार है।सुख जीवन पूर्व हैं तोसुख ही जीवन पार है।। टेक।।
सत्संग करते पढ़ते पढ़तेजीवन...
“आत्म ब्रह्म में”
ओ3म् नारायणः, ओ3म् खं ब्रह्म।ईशावास्यमिदं सर्वम्… (2)।। टेक।।
सृष्टि यज्ञ सुरचना, संधि संधि अर्चना।समीपतम है हितकर, ब्रह्म ज्योतित है...
आ ब्रह्मन् ब्राह्मणो ब्रह्मवर्चसी जायताम्।
आ ब्रह्मन् ब्राह्मणोब्रह्मवर्चसी जायताम्।
आ राष्ट्रे राजन्यः शूर इषव्योऽतिव्याधी महारथो जायताम्।
दोग्ध्री धेनुर्वोढाऽनड्वानाशुःसप्तिः पुरन्धिर्योषा
जिष्णू रथेष्ठाः सभेयोयुवास्य यजमानस्य वीरो...
मनीषी चिन्तन
सत्य सनातन प्राणवंत है। नित्य निरंतर नव वसंत है।
जो भी मेरे पुरखों को गाली देगा,धर उसकी छाती पर दोनाली...
मुफ्तखोर बन जाय न अपना देश कमेरों का।
मुफ्तखोर बन जाय नअपना देश कमेरों का।कुत्ते मिलकर मुँह न नोच लेंबब्बर शेरों...
अभागिनी गाय
सपनों में अनगिन आवाजें आती हैं।कोई नहीं दिखता व्यथा बढ़ाती है।हाथ चाट कर कोई मुझे उठाती है।रोती आँखों से...











