वैदिक भजन
प्रभु तेरी महिमा किस विध गाऊँ
प्रभु तेरी महिमा किस विध गाऊँ,तेरो अन्त कहीं नहीं पाऊँ ॥
अलख निरंजन रूप तिहारो, (1)किस...
सच्ची वाणी धरते हैं धीर हो
सच्ची वाणी धरते हैं धीर होसच्ची वाणी धरते हैं धीरकरते वातावरण सुहानाहोते ना कभी भी...
अब तक ऋषि हुए बहुतेरे
अब तक ऋषि हुए बहुतेरे,दयानंद का सानी ना।सब कुछ दान किया कितनों ने,कर्ण सरीका का दानी...
रावण बोला बहुत हो गया
रावण बोला बहुत हो गया,अब दहन करो न मेरा।
मेरा चरित्र तुमसे अच्छा है,क्यों तुमने मुझ को...
हे प्रभु !! करिए दया
हे प्रभु !! करिए दयाभटके हुए हमपथ दिखला
धन यौवन में मस्त हुए हमअँधियारों में घिरे रहेदीप...
उन सभी को नमन...
उन सभी को नमनजो अपने परिवार के लिए21 से 60 वर्ष घर सम्भालने मेंव्यस्त रहे । आज...
ऐ मेरे मन! अमर ज्योति है तेरे सन्सार में
ऐ मेरे मन!अमर ज्योति है तेरे सन्सार मेंज्योतियों के ही सहारेला सङ्कल्प...
अपनी वाणी में ओ३म् रख प्राणी
अपनी वाणी में ओ३म् रख प्राणीपा ले जीवन में सुख ही सुख प्राणी
बोलने से पहले...
घायल है मनवा, मैं किस-किस से बोलूँ ?
घायल है मनवामैं किस-किस से बोलूँ ?किसकी शरण जा केपापों को धो लूँ...
तृप्त नहीं हो पाती तृष्णा विषयों की
तृप्त नहीं हो पाती तृष्णा विषयों कीबात मान ले प्यारे वैदिक ऋषियों की
भोग प्रवृत्ति...
बड़े बड़ाई ना करें, बड़े न बोलो बोल
बड़े बड़ाई ना करेंबड़े न बोलो बोलहीरा मुख से कब कहेमेरा लाख टके...
हो रही है प्रतीति, मुझे आज विशेष बल की
हो रही है प्रतीतिमुझे आज विशेष बल कीरसमयी है अद्भुत शक्तिकल तक...











