वैदिक भजन
तुम्हारे बताए ही कर्म करें हम
तुम्हारे बताए हीकर्म करें हमजिएँ तो जिएँ प्रभुतेरे अनुयायी बनतुम्हारे बताए ही
बड़े छोटे कर्म होंतुझमें...
नित बढ़ रहे हैं हम मृत्यु की ओर
नित बढ़ रहे हैं हम मृत्यु की ओरजिसका हमें कौड़ी भर नहीं ज्ञानजीने...
धीरे धीरे मोड़ तू इस मन को
धीरे धीरे मोड़ तू इस मन कोइस मन को तूइस मन को
धीरे धीरे मोड़...
चोर चोर तो सब कहते हैं पर
चोर चोर तो सब कहते हैं परकुछ ही करते गौरसबके मन के भीतर छुप...
पानी में बाढ़ है भारी, है विनाश का नज़ारा
पानी में बाढ़ है भारीहै विनाश का नज़ाराभय भी बढ़ा,टूटा, ताना-बानापानी में...
दुनिया को देख दुनिया, हैरत में आ रही हैशक्ति है कौन ये जो, चक्कर चला रही है (1)
भानु शशि सितारे,...
हे निष्कलंकता के देव ! स्वार्थों से हटा दो
हे निष्कलंकता के देव !स्वार्थों से हटा दोहे सोम राजा राजवंतअंहस् से...
कवियों में तुम श्रेष्ठ कवि हो
कवियों में तुम श्रेष्ठ कवि होकाव्य मङ्गल तुम्हरासहृद् हृदय-आल्हादक स्वामीक्रान्तदर्शी प्रयताकवियों में तुम श्रेष्ठ कवि...
मेरे प्रियतम !! प्रभु !! जल्दी आओ
मेरे प्रियतम !! प्रभु !! जल्दी आओ"दर्श" अपना मुझे अब दिखाओ (1)
मैं हूँ बालक...
कौन तुझे मन ये समझाये
कौन तुझे मन ये समझायेजिसके पीछे भाग रहा तूहै वह चलते फिरते सायेकौन तुझे मन ये...
मन्यु प्रभु ! चाहते हैं हम तुझे
मन्यु प्रभु ! चाहते हैं हम तुझेतू हमारे ही अन्दर बसता रहेहाँ बसता रहेप्यारे...
आग जलाई हमने परोपकार के लिए
आग जलाई हमनेपरोपकार के लिएयज्ञ की भावनाएँचलीं शुद्ध व्यवहार लिएआग जलाई हमने
पहले तो आसमां-ज़मी कोमैं...











