वैदिक भजन

जिस तरह भी हो सके, सत्संग में आना चाहिए।

सत्संग जिस तरह भी हो सके,सत्संग में आना चाहिए।प्रेम से नित ईश के,गुणगान गाना चाहिये।।मन की शुद्धि के लिये,ईश्वर की कर...
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सत्संग जहाँ सत्संग होता है,वहाँ पर नित्य जाओ तुम।हमें फुरसत नहीं कहकर,यह मौका मत गंवाओं तुम। अरे सत्संग करने की,ना कोई उम्र...
सत्संग सत्संग नहीं करेगा,प्रभु को नहीं भजेगा।प्रभु के बिना ये जीवन,सूना पड़ा रहेगा।। एक दिन का है यह बचपन,दो दिन है तेरा...
सत्संग सदा जो सुसंगत में आते रहेंगे।विवेकी स्वयं को बनाते रहेंगे।।मिलेगी नहीं शान्ति उनको कभी भी।जो परमात्मा को भुलाते रहेंगे।। बनेंगे कभी...
सत्संग सत्संग ही स्वर्ग का द्वार है।चारों वेदों का यही सार है।।सत्संग ही मानव को उठाता है,बुरी संगत से बचाता है।दूर...
सत्संग सन्तों की संगत में जो,नित नियम से जाएगा।भव सागर के कष्टों से,वह छुटकारा पाएगा।। ये मन निर्मल करे,और शुद्ध भाव भरते,दुर्गुण...
भक्ति प्रभु तुम अणु से भी सूक्ष्म हो,प्रभु तुम गगन से विशाल हो।मैं मिसाल दूँ तुम्हें कौन-सी,दुनिया में तुम बेमिसाल हो।...
भक्ति ये जीवन तुम्हारा, तुम्हीं को है अर्पण।लगा दो किनारे, इसे मेरे भगवन् ।।लगा दो किनारे इसे मेरे भगवन्…..।।1।। हो करुणा के...
भक्ति अजब हैरान हूँ भगवन् !तुम्हें कैसे रिझाऊँ मैं।कोई वस्तु नहीं ऐसी,जिसे सेवा में लाऊँ मैं।।1।।अजब हैरान हूँ भगवन्…….. करूँ किस तरह...
भक्ति अचरज है जल में रहकर भी,मछली को प्यास है,फूलों में ज्यों सुवास,ईख मे मिठास है,भगवन् का त्यों विश्व के,कण-कण में...
भक्ति अब सौंप दिया इस जीवन का,सब भार तुम्हारे हाथों में।है जीत तुम्हारे हाथों में,है हार तुम्हारे हाथों में।।1।।अब सौंप दिया...
भक्ति आया हूँ तेरे दर पे, भक्तिभाव को लियेदस्तक मैं दे रहा हूँ, प्रभु द्वार खोलिए।।जीवन में कितने कर्म, भले और...