वैदिक भजन
कृतज्ञता
हे प्रभु ! तुझसा ना कोई, विश्व का रखवाल है।एक तू सारे जगत् का, कर रहा प्रतिपाल हैहे प्रभु !...
कृतज्ञता
मैं नहीं मेरा नहीं,यह तन किसी का है दिया।जो भी अपने पास है,यह धन किसी का है दिया। ।।1।।
देने वाले...
कृतज्ञता
तेरी रहमतों का सहारा ना होता,तो एक पल भी मेरा गुजारा न होता।तेरी रहमतों से मैं जिन्दा हूँ मालिक,तेरी बंदगी...
कृतज्ञता
न यह तेरा न यह मेरा,मंदिर है भगवान का।पानी उसका भूमि उसकी,सब कुछ उसी महान का।।1।।
हम सब खेल खिलौने उसके,खेल...
कृतज्ञता
मुझे तूने मालिक बहुत कुछ दिया है।तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है।।मुझे तूने मालिक ………
ना मिलती अगर दी हुई दात...
सत्संग
चल सत्संग में, रंग जा रंग में,हंस-हंस जीवन जी ले।अमृत बरसे, फिर क्यों तरसे,प्याले भर-भर पी ले।।
सत्संग में कर दे...
कृतज्ञता
हर हाल में दाता का,जो शुकर मनाते हैं।उनके घर खुशियों की,होती बरसाते हैं।।मुझे तूने मालिक ……
है याद जिन्हें दाता,हर दात...
सत्संग
चल सत्संग में, रंग जा रंग में,हंस-हंस जीवन जी ले।अमृत बरसे, फिर क्यों तरसे,प्याले भर-भर पी ले।।
सत्संग में कर दे...
सत्संग
अब यहाँ सत्संग सजाया जाएगा।ऋषियों का सन्देश सुनाया जाएगा।मीठा-मीठा साज बजाया जाएगा।और मधुर संगीत सुनाया जाएगा।अब यहाँ सत्संग………..(1)
मत करना यह...
सत्संग
बहे सत्संग की गंगा,अरे मन चल नहा आएं।बुझी ज्योति जो जीवन की,उसे फिर से जगा आएं।।
यही बेला है कर ले...
सत्संग
सत्संग वाली नगरी चल रे मना,पी सज्ञान का जल रे मना,सत्संग वाली नगरी…. (1)
इस नगरी में ज्ञान की गंगा,जो भी...
सत्संग
वेद ज्ञान के हीरे मोती,मैं बिखराऊँ सत्संग में।लूट सके तो लूट ले,'प्रेमी' आज सुनाऊँ सत्संग में।।
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर जो,ओ३म्...











