आर्य समाज भजन
धरती और ये आसमां,कह रहे हैं दास्ताँ।
धरती और ये आसमां,कह रहे हैं दास्ताँ।शिष्य रहा इस देश का,सदियों तक सारा जहाँ...
बहनों भाइयों आओ,सब मिल करके गाओ।
बहनों भाइयों आओ,सब मिल करके गाओ।हृदय से उपकारकृष्ण भगवान के।। टेक ।।
पश्चिमी सभ्यता का जबदरिया...
देष मिटाकर हर व्यक्ति के दिल में प्यार बसाना है।
देष मिटाकर हर व्यक्ति केदिल में प्यार बसाना है।दुखों की दुनिया...
सारी दुनिया बदल रही
सारी दुनिया बदल रही तुम भी बदलो कुछ ध्यान करो।देश वासियो अपने देश का मिलकरनव निर्माण...
भोजन भवन बदन को वस्त्र होना बहुत जरूरी है।
भोजन भवन बदन कोवस्त्र होना बहुत जरूरी है।परन्तु चरित्र निर्माण प्राथमिकताबिन प्रगति...
मैं गायक तो नहीं (धुन-मैं शायर तो नहीं)
मैं गायक तो नहीं,मगर महर्षि दयानन्द का,यह संदेशा हमेशा देना आ गया।।
रागों के...
अवसर निकल गया तो कहे होश आ गया।
अवसर निकल गयातो कहे होश आ गया।जब अंग भंग हो गयातब जोश आ...
वेद धर्म से प्यार धीरे-धीरे कर रहा आज संसार
वेद धर्म से प्यार धीरे-धीरे,कर रहा आज संसारधीरे-धीरे । । टेक ॥आज...
कर रही है खोज नई नित बुद्धि इन्सान की।
कर रही है खोज नईनित बुद्धि इन्सान की।लेकिन है अफसोस अबतक अपनी...
दिल कहता हैं कुछ कहूँ (धुन-दिल करता)
दिल कहता हैं कुछ कहूँना कहूँ कुछ क्यों नाकहूँ चुप कैसे रहूँऋषियों के देश...
नहीं विचारा हाल पै अपने बैठकर कभी।(धुन-मिल गये नैना से नैना)
नहीं विचारा हाल पैअपने बैठकर कभी।हम क्या थे, क्या हो...
अपने लिये जो औरों से चाहता है बर्ताव।(धुन-शोखियों में घोला जाये फूलों का)
अपने लिये जो औरोंसे चाहता है बर्ताव।औरों के...











