आर्य समाज भजन
भक्ति
तू ही इष्ट मेरा, तू ही देवता है….तू ही बन्धु सबका, तू माता-पिता है।नहीं है कोई चाहना और दिल में….तुझे...
भक्ति
मेरा उद्देश्य है यही, आज्ञा को तेरी पालना,कर के कमाई धर्म की, चरणों में तेरे डालना।मानव के नाते जो जाऊँ,...
भक्ति
दो घड़ी भगवान का ले नाम तू।छोड़कर दुनियाँ के सारे काम तू ।।दो घड़ी का नाम ही रंग लायेगा।दे समय...
आस्था
प्रभु सारी दुनियाँ से, ऊँची तेरी शान है।कितना महान् है तू, कितना महान है।।
यहाँ वहाँ कोने कोने, तू ही मशहूर...
आस्था
साथ ले लो पिता, आगे बढ़ जाऊँगा।वरना सम्भव है, मैं भी फिसल जाऊँगा।।
राहें जितनी खड़ी और पथरीली हैं,कांटों झाड़ी भरी...
आस्था
मुझे आसरा है प्रभु बस तुम्हारा।तुम्हें छोड़ अब कौन सा लूँ सहारा।
भँवर बीच चक्कर पड़ा खा रहा हूँ।न देखा कभी...
आस्था
इंसाफ का मंदिर है ये, भगवान का घर है,कहना है जो कहले, तुझे किस बात का डर है।इंसाफ का मंदिर...
आस्था
तुम्हीं मेरे बन्धु, सखा तुम्हीं हो,तुम्हीं मेरी माता, तुम्हीं पिता हो,तुम्हीं मेरे रक्षक, तुम्हीं मेरे पालक,तुम्हीं इष्ट मेरे तुम्हीं देवता...
आस्था
तेरे दर को छोड़कर, किस दर जाऊँ मैं,सुनता मेरी कौन है, किसे सुनाऊं मैं।।
जब से याद भुलाई तेरी, लाखों कष्ट...
आस्था
जगत में चिन्ता मिटी उसी की,जो तेरे चरणों में आ चुके हैं।वही हमेशा हरे भरे हैं,जो तेरे चरणों में आ...
आस्था
जीवन की रूलाती घड़ियों में,मिलता है तुम्हारा प्यार मुझे।कुछ चाह न बाकी रहती है,प्रभु आ के तेरे दरबार मुझे ।।
मेरे...
आस्था
भगवान तुम्हारे दर पे, भक्त आन खड़े हैं।संसार के बन्धन से परेशान खड़े हैं।
ओ मालिक मेरे! ओ मालिक मेरे …….
संसार...











