आर्य समाज भजन
वैराग्य
ओ भोले पंछी सोच जरा,तेरा असली कहाँ ठिकाना है।इस दुनियाँ की रंगरलियों पे,तू क्यों हो गया दीवाना है।।ओ भोले भाले...
वैराग्य
किसी दिन देख लेना,तुझको ऐसी नींद आएगी।तू सोया फिर ना जागेगा,तुझे दुनियाँ जगाएगी।।
तुझे संसार के खूँटे से,जिसने बाँध रक्खा है।तेरे...
वैराग्य
कुछ काम करके जाना,दुनियाँ से जाने वाले।जाते हैं रोज लाखों,बेकार खाने वाले।।
चौरासी लाख खोये,हर जन्म-मरण रोये।अब व्यर्थ मत गंवाना,दिन चार...
वैराग्य
जीवन खतम हुआ तो,जीने का ढंग आया।जब शमां बुझ गई तो,महफिल में रंग आया।।
गाड़ी निकल गई तब,घर से चला मुसाफिर।मायूस...
वैराग्य
कोई दुनियाँ में आता है,कोई दुनियाँ से जाता है।ये चक्कर रूक नहीं सकता,प्रभु इसको चलाता है।।
भलाई कर भला होगा,बुराई कर...
वैराग्य
छोड़कर संसार, जब तू जाएगा,कोई ना साथी, तेरा साथ निभाएगा।।गर प्रभु का भजन किया ना,सत्संग किया ना दो घड़ियाँ।यमदूत लगाकर...
वैराग्य
जीवन बीत रहा पल-पल में।किसे पता है, कौन जगे ना,आने वाले कल में।।
महाकाल विकराल खड़ा है,अपना फंदा डाल खड़ा है।कौन...
कृतज्ञता
हे नाथ तुम्हारी महती दया,मानव-तन हमें प्रदान किया,तुम धन्य अहो जग के स्वामी,हम पर उपकार महान् किया।।1।।हे नाथ तुम्हारी महती...
कृतज्ञता
चलने को प्रभु ने पग दिए,काम करने को हाथ।मनन करने को मन दिया है प्रभु!जग के नाथ।।1।।
देखने को चक्षु दिए,श्रवण...
कृतज्ञता
परम पिता से प्यार नहीं,शुद्ध रहा व्यवहार नहीं,इसीलिए तो आज देख लो,सुखी कोई परिवार नहीं।।1।।
फल और फूल अन्न इत्यादि,समय-समय पर...
कृतज्ञता
नमस्कार भगवान तुम्हें, भक्तों का बारम्बार हो।श्रद्धा रूपी भेंट हमारी, मंगलमय स्वीकार हो।।तुम कण-कण में बसे हुए हो, तुझ में...
कृतज्ञता
सब जग के आधार, नमस्कार नमस्कार।आये तेरे द्वार, नमस्कार नमस्कार।। टेक ।।सुरज और चाँद में, तेरा ही उजाला,तूने पहन रखी...











