आर्य समाज भजन

जिनको कहते हैं – अजर, अशोकी, आश्रय है जिनके त्रिलोकी

जिनको कहते हैं - अजर, अशोकी जिनको कहते हैं - अजर, अशोकीआश्रय है जिनके त्रिलोकीन वो जन्मे - न वो मरेअकाल...
हर दिशा हर काल में व्यापक सृष्टियज्ञ के परम पिता हर दिशा हर काल में व्यापकसृष्टियज्ञ के परम पितासबके सुख-सौभाग्य-दातास्वस्वरूप ज्योतिप्रदाहर...
क्या-क्या लोगों की इच्छा, क्या-क्या कामनाएँ क्या-क्या लोगों की इच्छाक्या-क्या कामनाएँहम तो केवल प्रभु तुमसेआनन्द चाहें सुमना रहें निरन्तरप्रसन्न रहें नर-नारीरहें दूर...
बिना बुलाए"धर्मवीर"इन, चार घरों पर जाता है। बिना बुलाए"धर्मवीर"इन,चार घरों पर जाता है।दुख में सुख में साथ रहे जो,सच्चा मित्र कहाता...
मन रे ! मन रे ! शान्ति तेरी गई छली मन रे ! मन रे !शान्ति तेरी गई छलीवायु जैसे वश...
बन्धु ! निशदिन ओ३म् ओ३म् ही गाओ बन्धु !!! निशदिन ओ३म् ओ३म् ही गाओनिशदिन ओ३म् ओ३म् ही गाओ काम करो जग के...
भय से रहित है उस का जीवन भय से रहित है उस का जीवनजिस योगी के ऐसे कुटुम्ब जन धैर्य पिता है,...
हे जीवन-ज्योति अग्ने ! तुझमें ही समा जाएँ हे जीवन-ज्योति अग्ने !तुझमें ही समा जाएँशुभकामनाएँ मन कीतव कृपा से आ जाए कर्तव्य-बुद्धि...
यो तो हर आँख बहुत रोती है यो तो हर आँख बहुत रोती हैमगर हर बूँद अश्क नहीं होती हैजो देख...
न मैं धाम-धरती, न धन चाहता हूँ जपे नाम तेरा - सदा ऐसा दिल होसुने कीर्ति तेरी - वह श्रवण चाहता...
आओ मित्रो मिलकर गायें, गायें प्रभु के गीत आओ मित्रो मिलकर गायेंगायें प्रभु के गीतजगाएँ स्वर लहरी में प्रीत भक्ति भाव से...
जो जन जाने कर्म भोग को, फिर भी शोक मनाता है। जो जन जाने कर्म भोग को,फिर भी शोक मनाता है।जो...