आर्य समाज भजन
श्रद्धा स्नेह और भक्ति भाव में सदा ही आहुत होते ईश्वर
श्रद्धा स्नेह और भक्ति भाव मेंसदा ही आहुत होते ईश्वरतभी...
भगवान् अभिराम निष्काम दयावान्
भगवान् अभिरामनिष्काम दयावान्तू है सर्वशक्तिमान्भगवान् अभिरामनिष्काम दयावान्
तू दु:ख-त्रातातू सुखदाताक्रतु-कर्मों का तू फलदाताऋत-सत्य तेरे विधानभगवान् अभिरामनिष्काम दयावान्
तू है...
यज्ञ जीवन का हमारे श्रेष्ठ सुन्दर कर्म है
यज्ञ जीवन का हमारे श्रेष्ठ सुन्दर कर्म हैयज्ञ का करना करानाआर्यों का धर्म...
अग्निरूप आत्मा से होवे शुभ दर्शन परमेश्वर का
अग्निरूप आत्मा से होवेशुभ दर्शन परमेश्वर काहर क्षण काल समय में होवेअन्तर्ध्यान सर्वेश्वर...
समिधा है समिधान अन्नरूप घृत है अग्नि में आधान
समिधा है समिधान अन्नरूपघृत है अग्नि में आधानपर्यावरण की शुद्धि से हीकरता...
जहाँ अविराम परमेश्वर का गुण गाया नहीं जाता
जहाँ अविराम परमेश्वर कागुण गाया नहीं जाताचपल मन संयमित शुद्धवहाँ पाया नहीं जाता
सजाता...
जब से सृष्टि आई सत्ता में वेद की विद्या पाई
जब से सृष्टि आई सत्ता मेंवेद की विद्या पाईतब से ज्ञान...
झर झर के मेघ बरसे
झर झर के मेघ बरसेरिस-रिस के झरने बह रहेनदियों में धरा धारों मेंवृक्षों की जड़-डालों मेंतालाब...
साधना पथ पर बढ़ें हम
साधना पथ पर बढ़ें हमबन्धनों से प्रीति कैसी
शलभ बन जलने चले हैंसत्त्व-निज खोने चले हैंदीप-सम जलना...
अन्तर्यामी नाथ तुम जीवन के आधार
अन्तर्यामी नाथ तुमजीवन के आधारजो तुम छोड़ो बाँह तोकौन लगाये पार
श्वास श्वास में ओ३म् जपवृथा...
तेरे करम से बेनियाज़, कौन सी शय मिली नहीं
तेरे करम से बेनियाज़कौन सी शय मिली नहींझोली ही मेरी तङ्ग है,तेरे...
ढूँढते हैं हम वे लोग, पाते हैं जिनसे बोध
ढूँढते हैं हम वे लोगपाते हैं जिनसे बोधखोज रहे हैं हम उनकोपाना...











