सुनो आर्यों यह सन्देश है

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सुनो आर्यों यह सन्देश है

सुनो आर्यों यह सन्देश है,
मेरा आज आखिर का।
हो ना जाये बन्द सिलसिला
तहरीर और तकरीर का।।

वाणी पाणी से हर प्राणी
को जीवन देते रहना,
वेद धर्म प्रचार के हित में
तन मन धन देते रहना,
चिन्तन मनन देते रहना
नित्य वेद विषय गंभीर का ।। 1।।

ब्रह्मा से जैमिनी प्रर्यन्तजो
मत ऋषियों ने माना है,
सत्य सनातन वेद धर्म को
दुनिया में फैलाना है,
चेहरा साफ बनाना है,
हर मानव की तस्वीर का ।। 2।।

कर्तव्य पालन करने में
यदि तन जाये तो क्या गम है,
जीव अमर तन नाशवान है,
फिर यह कैसा मातम है,
देश धर्म पर सर्वोत्तम है,
मिटना स्थूल शरीर का ।। ३।।

मान प्रतिष्ठा पद लोलुपता
के स्वार्थ में मत फंसना,
अपने हाथों अपने घर में
आग लगा कर मत हंसना,
शोभाराम प्रेमी तृष्णा,
कण बन्धन की जंजीर का 4