साथ ले लो पिता आगे बढ़ जाँऊगा।
साथ ले लो पिता आगे बढ़ जाँऊगा।
वरना सम्भव है मैं भी फिसल जाँऊगा।।
१ राहें चिकनी बड़ी और पथरीली हैं।
काटों झाडी भरी और जहरीली हैं
दो सहारा नहीं तो मैं फंस जाँऊगा..
२. भोग विषयों की उठती है इक-इक लहर।
मुझको उल्टा डूबोने चली हर पहर।।
दे दो पतवार वरना न तर पाऊँगा…….
३. दुनियाँ इस ओर कहती है आ मौज ले।
पर उधर धर्म कहता है दुःख मोल ले ।।
तुम कहोगे मुझे वैसा कर पांऊगा….
४.सत्य कहता हूँ भूला जब ही मैं तुम्हें।
पाई दुनियाँ मगर एक ना पाया तुम्हें ।।
बिना तुम्हारे आखिर मैं किधर जाँऊगा…..










