प्रभु तेरी भक्ति का वर मांगते हैं।

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प्रार्थना

प्रभु तेरी भक्ति का वर मांगते हैं।
झुके तेरे दर पे वो सर मांगते हैं।।

बुरे भाव से जो न देखे किसी को।
हम आँखों में ऐसी नजर मांगते हैं।।
प्रभु तेरी भक्ति का……..

पड़े अगर मुसीबत न झोली पसारें।
हम हाथों में ऐसा हुनर मांगते हैं।।

पुकारे कोई दीन अबला हमें गर।
घड़ी पल में पहुँचे वो वर मांगते हैं।।
प्रभु तेरी भक्ति का…………

जो बेताब जुल्म और सितम देखकर हो।
तड़पता हुआ वो जिगर मांगते हैं।।

दुःखी या अनाथों की सेवा हो जिससे।
प्रभु अपने घर ऐसा जर मांगते हैं।।
प्रभु तेरी भक्ति का……….