प्रभु चरणों में ध्यान लगाना
प्रभु चरणों में ध्यान लगाना,
प्रभु भक्ति में मन को लगाना ।
भूल नहीं जाना उनको-२,
दूर नहीं जाना उनसे, दूर नहीं जाना ।।
वादा किया है जपना, जपके दिखाना,
भुल नहीं जाना उनको-२… ।।०।।
अन्तरा – वह दुनिया का मालिक
हो-हो-हो… हर तरफ रमा है।
हा… हा…जो दिलसे पुकारें,
उसे शान्ति मिला है वही माता,
वही पिता, वही परमात्मा, उन्हीं
को जपके वन्दे आनन्द को पाना ।।
प्रभु चरणों में… ।।१ ।।
वह विश्व नियन्ता हो-हो-हो…।
वही अन्तर्यामी हा हा…।।
वह सबका रक्षक, वही जगतस्वामी,
ऋषि, मुनि, योगी सारे किये साधना
वेदों शास्त्रों को पढ़के मुक्ति को
पाना प्रभु चरणो ध्यान…।।२।।










