ओ३म् की छाया तले, जीवन की जोत जले

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ओ३म् महिमा

ओ३म् की छाया तले, जीवन की जोत जले
महिमा से उसकी सुबह आए, महिमा से शाम ढले ।।
ओ३म् का नाम लेके, ओ३म् का ध्यान करके।
जीवन ये सरस चले।।
ओ३म् की छाया तले………

न कोई अपना, न है पराया।
सबको लगाते गले।।
ओ३म् की छाया तले………

न कोई ऊँचा, न कोई नीचा।
सब में ही ब्रह्म रमे।।
ओ३म् की छाया तले………

हृदय में प्रेम डोले, मुख से मधुर बोले।
सत्य वचन तू कहे।।
ओ३म् की छाया तले……….

इस जीवन का क्या है भरोसा।
पल में पंछी उड़े।।
ओ३म् की छाया तले………

न कोई बन्धु, न कोई बांधव।
स्वार्थ में सब हैं खड़े।।
ओ३म् की छाया तले……….