ओ सोने वाले नौजवां ओ भोले भाले

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ओ सोने वाले नौजवां ओ भोले भाले

ओ सोने वाले नौजवां ओ भोले भाले
नौजवां आलस को दूर भगा।। टेक ।।
विषयों के चक्कर में तूने रत्न जवानी खो दई
मान चाहे मत मान तुझसे भूल भारी हो गई
जीवन बचा है जो उसको बना,
ओ सोने वाले…।।1।।

जिन चीजों में आनन्द समझे
वहां आनन्द का नाम नहीं
भौतिकवाद के चक्कर में
तुम पाओगे आराम नहीं
परहित में मन को लगा,
ओ सोने वाले…।।2।।

देख दुखी का दुख दुखी हो
कर्तव्य कर्म है तेरा
हर कर्तव्य का पालन करना
मुख्य धर्म है तेरा
भक्ति यही है यही सम्पदा,
ओ सोने वाले…।।3।।

तेरे देश के लाखों बच्चे
भूखे नित्य चिल्लाते हैं
मगर आप दुर्व्यसनों में ही
अपने धन को लुटाते हैं
प्रेमी संभल जग में नेकी कमा,
ओ सोने वाले…।।4।।