नारी नर को बनाने वाली है।
नारी नर को बनाने वाली है।
ज्योति बन कर ज्योति से,
ज्योत जलाने वाली है।।
चाहे तो युग पलट दिखाये,
नीरस जीवन सरस बनाये।
भीरु को भी योद्धा का,
अधिकार दिलाने वाली है।।
शिक्षा इसकी व्यर्थ न जाये,
जैसा कि इतिहास बताये
इस की ही सन्तान तो,
अत्याचार मिटाने वाली है।।
नारी जब आवाज उठाये,
रोग दहेज का मिट जाये।
फैल रही बीमारी से यह,
मुक्ति दिलाने वाली है।।
नारी जो निज धर्म संभाले,
भारत को यह स्वर्ग बना ले।
देश में फिर सुखदाई अवसर,
नारी ही लाने वाली है।।










