मानव तू अगर चाहे दुनियाँ को हरा देना।

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मानव तू अगर चाहे दुनियाँ को हरा देना।

मानव तू अगर चाहे दुनियाँ को हरा देना।
बस ईश्वर के दर पर सिर अपना झुका देना।।
मानव तू अगर चाहे…….

१. राजी हो प्रभु जिसमें वह काम सही होगा।
भगवान जो चाहेगा दुनियाँ में वही होगा।
उसे अपना बनाकर के उलझन को मिटा देना…..
मानव तू अगर चाहे…….

२. रक्षक है अनाथों का दुखियों का सहारा है।
भव पार किया उसको जिसने ही पुकारा है।
पल भर के लिए उसको दिल से न भुला देना…..
मानव तू अगर चाहे…….

३. धरती और सागर के रत्नों को जो पाना हो।
आकाश में उड़ना हो पाताल में जाना हो।
डोरी परमेश्वर को पहले पकड़ा देना…..
मानव तू अगर चाहे…….

४. चाहेंगी सदा तुझको खुशियाँ और आशाएं।
चूमेंगी चरण तेरे सब ओर सफलताएं
जीवन को ‘पथिक’ उनकी राहों पर लगा देना……..
मानव तू अगर चाहे…….