मन रे ! अवसर बीता जाये

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मन रे ! अवसर बीता जाये

मन रे ! अवसर बीता जाये
किस माया में पड़ा बांवरे
हरी नाम बिसराये (1)
अवसर बीता जाये
मन रे ! अवसर बीता जाये

चार घड़ी में – दिन ढल लेगा
पंछी घर की – ओर चलेगा
चल चल होगी
हल चल होगी
पल ना देर सुहाए
अवसर बीता जाये

छोड़ दिया सो – हाथ न आए
जोड़ लिया सो – साथ न जाए
ऐसा धन है – ओस का मोती
हाथ लगे कुम्हलाए
अवसर बीता जाये
मन रे ! अवसर बीता जाये

अनजाने पथ – चले अकेला
छोड़ चले – दुनिया का मेला
लूट कर, पिट कर, जीते हाथों
घर बाबुल के आए
अवसर बीता जाये
मन रे ! अवसर बीता जाये