मैं आर्य जाति की सुता जड़ों को नाँय पूजूँ।
मैं आर्य जाति की सुता
जड़ों को नाँय पूजूँ।
मैं तो पूजूंगी अपने मात-पिता।
जिन दियौ जनम संसार
जड़ों को नाय पूजूँ।।
मैं आर्य० मैं पूजूंगी अपने
सासु श्वसुर। जिन सौंपा है
घर-बार जड़ों को नाँय पूजूँ।।
मैं आर्य० मैं तो पूजूंगी अपने
पति परमेश्वर। जिससे जीवन
सफल है जाइ जड़ों को नाँय पूजूँ ।।
मैं आर्य०










