कोटि-कोटि धन्यवाद तुझे भगवन्
कोटि-कोटि धन्यवाद तुझे भगवन्
साथ तू सभी के रहे जनम जनम
सारे जगत् का हितैषी सखा
नि:स्वार्थ न्याय युक्त सर्वहितकारी प्रभु
परिपूर्ण नियमबद्ध शासन तेरा
शासन तेरा
कोटि-कोटि धन्यवाद तुझे भगवन्
साथ तू सभी के रहे जनम जनम
सब जीवो का सर्वदा और सर्वत्र
सच्चा साथी है और सच्चा ही मित्र
तेरी कृपा से अहिंसा अस्तेय
लेते व्रत ब्रह्मचर्य और सत्य का
कोटि-कोटि धन्यवाद तुझे भगवन्
साथ तू सभी के रहे जनम जनम
जुड़वाँ सखा सारे जीवों का तू
ऐसा सखा तो जगत् में नहीं
अन्य हैं मित्र अस्थाई अस्थिर
स्वार्थ के वश हैं कहीं ना कहीं
कोटि-कोटि धन्यवाद तुझे भगवन्
साथ तू सभी के रहे जनम जनम
दिव्य व्यवस्था प्रभु की निहारें
मुग्ध वो इन्द्र पे होवें ना क्यों !
प्रीतम सखा के प्रति हो आवर्जित
उसको बसाये हृदय में ना क्यों ?
कोटि-कोटि धन्यवाद तुझे भगवन्
साथ तू सभी के रहे जनम जनम
अब तो व्रतों का परिपूर्ण पालन
भक्त-हृदय में समाए सहज
सत्य अहिंसादि व्रत के पालन की
जीवन की बगिया में छाए महक
कोटि-कोटि धन्यवाद तुझे भगवन्
साथ तू सभी के रहे जनम जनम
सारे जगत् का हितैषी सखा
नि:स्वार्थ न्याय युक्त सर्वहितकारी प्रभु
परिपूर्ण नियमबद्ध शासन तेरा
शासन तेरा
कोटि-कोटि धन्यवाद तुझे भगवन्
साथ तू सभी के रहे जनम जनम













