करले भला होगा भला
कर ले भला होगा भला अन्त भला है।
बस यही संसार में जीने की कला है।।
जिसने नेकी बदी को विचारा,
राज जीवन का समझा वो सारा,
रंगभरी दुनियां से मुंह मोड़ लिया है।।१।।
पाप जिसने कभी ना किया है,
दीन दुःखियों को जीवन दिया है,
उसका हरा बाग सदा फूला फला है।।२।।
उस पिता की शरण में जो आया,
ईश-भक्ति में मन को लगाया,
क्रोध की अग्नि में कभी जो न जला है।। ३ ।।
शोक-सिन्धु से चाहो जो तरना,
भूल कर भी बुरा कुछ न करना मान
लो इसको बड़ी बेमोल सलाह है।।४।।










