कैसे हो उत्थान देश का बिगड़ गया नौजवान। (तर्ज-हाय मैं सदके जावा….)
कैसे हो उत्थान देश का बिगड़ गया नौजवान।
देखियो क्या होगा ॥ टेक ॥
- ऋषि-मुनि विद्वानों की
आज्ञा को ठुकराता है।
माता-पिता निज गुरुजनों को
चाकू रोज दिखाता है।
जाता है सिनेमा निशदिन
धन का करे नुकसान
देखियो क्या होगा….। - अश्लील रागिनी कामुक
गाने सुनता और सुनाता है।
दूध-दही से नफरत माने
अण्डे मांस सुहाता है।
खाता है अभक्ष्य पदार्थ
कैसे हो बलवान् देखियो क्या होगा….।
३. वेद उपनिषद् गीता छोड़कर
नाविल और उपन्यास पढ़े।
शेक्स से सज्जित चित्र देखे
फेर बता क्या कारर रहे।
असर रहे बुराइयों का मन
पर अच्छाइयाँ नष्ट तमाम देखियो…….
मजनू वाला भेष बना
गलियों में इतरार है।
धर्म-कर्म निज भाषा
भेष से पीछे हटता जाता है।
गाता है ‘बलवान् आर्य’
निर्भय होकर गान देखियो
क्या होगा….।










