जीवन सफल करो-प्रभु प्यारे !!

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जीवन सफल करो-प्रभु प्यारे !!

जीवन सफल करो – प्रभु प्यारे !!
हम हैं तुम्हारे – तुम हो हमारे
बिन तेरे हम – किसे पुकारें

ये सन्सार सपन की माया (1)
तृष्णा में कोई सम्भल न पाया
हाथ में आया – कभी ना बाँटा
जाना पड़ता – हाथ पसारे
जीवन सफल करो – प्रभु प्यारे !!

फूल हैं हम तेरी बगिया के
ज्ञान-कर्म से इन्हें महका दे
दुरित की आग में कभी न झुलसें
शीतल छाँव में रहें तुम्हारे (2)
जीवन सफल करो – प्रभु प्यारे !!

जग की शरण में सुख-दु:ख फीके
तेरी छाया में आनन्द दीखे (2)
तू जो शीश पे हाथ रखे तो
खेल जीवन का क्यों हम हारें
जीवन सफल करो – प्रभु प्यारे !!

सत्कर्मों से झोली भर दो
पाप दुरित दुख: दूर ही कर दो
मन में समर्पित भाव जगाने
आओ विराजो हृदय के द्वारे (3)
जीवन सफल करो – प्रभु प्यारे !!
हम हैं तुम्हारे – तुम हो हमारे
बिन तेरे हम – किसे पुकारें
जीवन सफल करो – प्रभु प्यारे !!