जीवन में बरसें रिमझिम मेघा।
जीवन में बरसें रिमझिम मेघा।
खुशियों के बहें नदी-नाले हमेशा।
पड़े ठंडी-ठंडी फुहार,
मंगल हम गाएं।।
छाये ना दुःख के बादल कभी भी।
कड़कें ना बादल,पड़े नहीं बिजली।
कभी आएं ना दुःख की रात,
मंगल हम गाएं।।
नई-नई कलियों सा हर दिन चमकें।
भंवरों की गुंजन से खुशबू महकें।
खिलें फूलों की सदा बहार,
मंगल हम गाएं।।
सब ऋतुएं आनंदित कर दें।
जीवन तुम्हारा पुलकित कर दें।
बदलें ना ऋतुओं संग विचार,
मंगल हम गाएं।।
तन-मन स्वस्थ बनाकर रखना।
खुशियों की जोत जला कर रखना।
तेरा फलें सदा प्रकाश,
मंगल हम गाएं।।
सूरज सा चमकें जीवन तुम्हारा।
“राज” तारों की थाली आशीष हमारा।
रहें चंदा सी शीतलता साथ,
मंगल हम गाएं।।
लाईं खुशियों की सौगात,
मंगल हम गाएं।।










