जीवन भर हम ओम् जपेंगे
जीवन भर हम ओम् जपेंगे,
ओम् नाम हमें प्यारा 2
भद्र सुनेंगे भद्र कहेंगे,
शिव संकल्प हमारा…. ।।
आर्य हमारा नाम है,
वेद हमारा धर्म
ओम् हमारा देव है,
सत्य हमारा कर्म।
देव दयानन्द ने बतलाया,
ये आर्यत्व हमारा…..।।
वेद का पढ़ना-पढ़ाना,
वेद का सुनना-सुनाना
परम धर्म आर्यों का,
है नवनीत पुराना।
वैदिक ज्योति से इस जग में,
फैलेगा उजियारा……।।
धर्म से अर्थ कमायेंगे,
काम मोक्ष फल पायेंगे
साधक बन दिखलायेंगे,
ब्रह्म के दर्शन पायेंगे।
दाऊजी स्वस्ती पथ चलना,
हो भव से निस्तारा….।।










