जीवन पर काँटों का घेरा कठिन डगर पर डाले डेरा
ज्योत जला दो आशा की प्रभु जागे अन्तर मेरा ॥ जीवन पर..
आत्मिक धन ऐश्वर्य जो माँगे, जीवन सुखद करे परमेश्वर
हर्षित मन कर भक्तों का प्रभु, पार लगाएँ बेड़ा ॥ जीवन पर..
सद्विचार का भाव भरे मन, पर उपकार का होवे जीवन
ज्ञान की ज्योत का करो उद्दीपन, मन का मिटे अन्धेरा ॥ जीवन पर…
वेद सिन्धु की ज्ञान तरंगे आत्मा को अनमोल रतन दे
मोती ज्ञान का वो ही पाए, जो भी उतरे गहरा ॥ जीवन पर….
वेदों की छाया में पलकार, हों विद्वान ज्ञान में ढलकर
पुरुषार्थ परमार्थ करे जग, लाए नया सवेरा ॥ जीवन पर….
(हर्षित) आनन्दित (उद्दीपन) प्रकाशन, उत्तेजन, बढ़ाना
तर्ज: मृदुल कराँ नी छेड़ित तारा










